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Saturday, November 24, 2018

अनाथ बच्चों के लिए हॉस्टल का निर्माण होगा : मुख्यमंत्री



मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि रांची में अनाथ बच्चों और ट्रैफिकिंग से बचाये गये बच्चों के लिए 2000 की क्षमतावाले हॉस्टल का निर्माण कराया जायेगा। वहां उनके रहने, शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास का काम किया जायेगा। जिन बच्चों का कोई नहीं है, रघुवर सरकार उनकी माता-पिता है। उनका ध्यान रखना] पालन पोषण सरकार करेगी। संविधान ने बच्चों के लिए जो अधिकार तय किये हैं, राज्य सरकार उनका कड़ाई से पालन करेगी। उक्त बातें उन्होंने बाल अधिकार महोत्सव हौसला 2018 में कहीं।

समाज की कुव्यवस्था के कारण बाल श्रम
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे समाज की कुव्यवस्था के कारण बाल श्रम पनपा है। बाल श्रम का सबसे प्रमुख कारण गरीबी है। हमारे बच्चों का आर्थिक और शारीरिक शोषण हो रहा है। हमारी सरकार उन बच्चों को गरीबी से बाहर निकालने के लिए प्रयासरत है। बच्चों को निशुल्क शिक्षा दी जा रही है। बड़े बच्चों का कौशल विकास कर उन्हें रोजगार से जोड़ने का काम किया जा रहा है। इन बच्चों को सही राह नहीं दिखायी जायेगी तो हो सकता है ये अपराध की दुनिया में चले जायें। बच्चे राज्य का भविष्य है, हम अपने भविष्य के साथ किसी को खिलवाड़ नहीं करने देंगे। उन्हें पढ़ा लिखा कर उनको सभ्य नागरिक बनाया जायेगा। रांची में बननेवाला हॉस्टल देश का सबसे अच्छा हॉस्टल होगा। यहां 2000 बच्चे रहेंगे। जो स्कूल जान लायक होंगे, उन्हें स्कूल भेजा जायेगा। 18 वर्ष के आसपास के बच्चों का कौशल विकास कर राज्य में ही उन्हें नियुक्ति दी जायेगी। उन्होंने विभाग को ऐसे बच्चों की सूची बनाने का निर्देश देते हुए कहा कि इन बच्चों की प्रतिभा को निखारना है।

मैंने बाल मजदूरी के खिलाफ ऑपरेशन जस्टिस चलाया था
मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि झारखंड की पहली सरकार में वे श्रम मंत्री बने। उस समय उन्होंने बाल मजदूरी के खिलाफ ऑपरेशन जस्टिस चलाया। इन दौरान उन्होंने बड़े-बड़े होटलों में काम करनेवाले बाल मजदूरों को छुड़ाया। उन बच्चों का पुनर्वास कराया। उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से इन बच्चों से बाल श्रम कराने और उन्हें अपने बच्चों की तरह समझने की अपील करते हुए कहा कि राज्य सरकार बाल अधिकारों की दिशा में संविधान का शत प्रतिशत पालन करेगी।

नयी दिल्ली में होनेवाले बाल श्रम अधिवेशन में भाग लेने जा रहे 25 बच्चों को उन्होंने अपने वैवेविक अनुदान से 2000-2000 रुपये देने की घोषणा की।

कार्यक्रम में बच्चों ने आकर्षक कार्यक्रम पेश किये।

खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामला विभाग के सचिव श्री अमिताभ कौशल, झारखंड राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती आरती कुजूर, रेल डीजी श्री बीबी प्रधान, बाल संरक्षण संस्था, महिला एवं बाल विकास के विशेष सचिव सह निदेशक श्री डीके सक्सेना समेत बड़ी संख्या में बच्चे उपस्थित थे।

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