आदिवासी समाज में उबाल, दी आंदोलन की चेतावनी - deshduniyaweb

deshduniyaweb

Local, National and International News

Breaking

Home Top Ad

Responsive Ads Here

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Sunday, December 9, 2018

आदिवासी समाज में उबाल, दी आंदोलन की चेतावनी


बैठक करते समाज के लोग
अनुसूचित जनजाति बालिका उच्च विद्यालय की एक छात्रा की संदेहास्पद मौत से आदिवासी समाज में उबाल आ गया है। आक्रोशित लोगों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के साथ-साथ दोषी पर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। सावंता सुसार बैसी के बैनर तले पीरटांड़, डुमरी, व टुंडी प्रखंड के मंाझी हड़ाम व अन्य समाज सदस्यों ने मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
     बताते चलें कि शनिवार को पीरटांड़ में संचालित अनुसूचित जनजाति बालिका उच्च विद्यालय की आठवीं की छा़त्रा मुनिया मुर्मू की संदेहास्पद मौत हो गयी थी। क्षेत्र में हो रही चर्चा के अनुसार इस प्रकरण में विद्यालय प्रबंधण की घोर लापरवाही है। इसी बात को ले रविवार को मधुबन स्थित हटीयाटांड़ में आदिवासी समाज के लोगों का भारी संख्या में जुटान हुआ। सभी ने अपने अपने विचार दिए।

यह भी लिया गया निर्णय 

इधर इस बैठक में उपस्थित पीरटांड़ व डुमरी के तमाम मांझी हड़ाम व सावंता सुसार बैसी  के लोगों द्वारा यह निर्णय लिया गया कि संथाल आदिवासियों का प्रमुख त्योहार ‘सोहराय‘ पूरे जिले में एक साथ हो। इस बाबत  9 जनवरी से 11 जनवरी तक त्योहार मनाने का निर्णय लिया गया।

मरांग बुरू में 23 को मनेगा सोहराय

वहीं मधुवन स्थित मरांग बुरु में 23 दिसम्बर को ही दिसोम सोहराय पर्व मनाने व मांझी हाउस का उद्घाटन करने  निर्णय लिया गया।संस्था के सचिव अर्जुन हेम्ब्रम ने बताया कि वर्तमान समय में मरांगबुरु स्थित जुग्जाहेर थान के सौंदर्यीकरण के राज्य सरकार के निर्णय के विरुद्ध जैन धर्मावलंबियों द्वारा कुप्रचार पर रोष प्रकट किया गया। साथ ही मांग की गई कि सरकार आदिवासी धर्म स्थल का सौंदर्यीकरण जल्द प्रारंभ करे। मौके पर सिकन्दर हेम्ब्रम, नूनका टुडू, बुधन हेम्ब्रम, चांदो लाल मुर्मू, करमचंद हांसदा,  बाबूराम मुर्मू, विजय सोरेन, साहेब राम मुर्मू, महादेव टुडू, रविलाल हेम्ब्रम, करमचंद हेम्ब्रम सहित समाज के कई लोग उपस्थित थे।

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages