मोक्ष कल्याणक के साथ ही पंचकल्याणक प्रतिष्ठा संपन्न - deshduniyaweb

deshduniyaweb

Local, National and International News

Breaking

Home Top Ad

Responsive Ads Here

Post Top Ad

Responsive Ads Here

शुक्रवार, 14 दिसंबर 2018

मोक्ष कल्याणक के साथ ही पंचकल्याणक प्रतिष्ठा संपन्न

जैनियों के प्रसिद्ध तीर्थस्थल मधुबन स्थित सौरभांचल में बीते आठ दिसंबर से चल रहे मज्जिनेन्द्र पंचकल्यक प्रतिष्ठा महोत्सव एवं विश्वशांति महायज्ञ का समापन गुरूवार को हो गया। इस महायज्ञ के अंतिम दिन मोक्ष कल्याणक महोत्सव मनाया गया जिसमें भगवान ने मोक्ष प्राप्त कर लिया। जहां मोक्षकल्याणक पूजा की गयी वहीं आचार्य विराग सागर जी महाराज ने मोक्ष की परिभाषा बताया। वहीं श्री अणिंदा पाश्र्वनाथ पंचकल्याणक समिति के अधिकारियों ने कहा कि इस तरह का भव्य कार्यक्रम आयोजित करना एक सपना था जो पूरा हो गया।
   मधुबन स्थित सौरभांचल में आठ दिसंबर से मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव की शुरूआत की गयी थी। इस छह दिवसीय कार्यक्रम में प्रतिदिन अलग अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस क्रम में घ्वजारोहण एवं गर्भकल्याणक पूर्वाध, गर्भकल्याणक उत्तरार्ध, जन्मकल्याणक,  तपकल्याणक व ज्ञान कल्याणक महोत्सव मनाया गया। वहीं महोत्सव के अंतिम दिन यानि गुरूवार को मोक्ष कल्याणक महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। जहां बुधवार को केवल ज्ञान प्राप्त हुआ था वहीं गुरूवार को भगवान ने मोक्ष प्राप्त कर लिया। अंतिम दिन कार्यक्रम की शुरूआत नित्यमह पूजा, निर्वाण प्राप्ति व गुणारोपण के साथ हुई। उसके बाद निर्वाण कल्याणक की पूजा व शान्ति हवन का आयोजन किया गया। धार्मिक विधियां पूरी होने के बाद मंगल प्रवचन का कार्यक्रम किया गया। इस दौरान आचार्य श्री ने कहा कि मोक्ष प्राप्त करते ही भगवान का पद प्राप्त हो जाता है और आत्मा जन्म मरण के बंधन से मुक्त हो जाती है। इसके अलावा नवीन वेदी में बिम्ब स्थापना, कलशारोहण, ध्वजारोहण आदि कार्यक्रम आयोजित किए गए। दिन में ग्यारह बजे कार्यक्रम का समापन हो गया। बताते चलें कि यह प्रतिष्ठा महोत्सव गणाचार्य विराग सागर जी महाराज के सान्निध्य में किया गया। वहीं प्रतिष्ठा के मुख्य प्रतिष्ठाचार्य सतीश जी शास्त्री थे।

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages