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शनिवार, 5 जनवरी 2019

ठंढ़ व हृदयाघात से एक ही दिन में तीन तीर्थयात्रियों की मौत

प्रतीकात्मक तस्वीर (साभार: गूगल सर्च)
जैनियों के प्रसिद्ध तीर्थस्थल पारसनाथ पर्वत में शनिवार को दोपहर दो बजते - बजते पर्वत वंदनाके क्रम में एक - एक कर तीन तीर्थयात्रियों की मौत हो गयी। इस घटना से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गयी है। दो की मौत जहां अहले सुबह हो गयी वहीं एक की मौत दोपहर लगभग दो बजे हुई। इन सभी की मौत भीषण ठंढ़ एवं दिल का दौरा पड़ने से बतायी जाती है।
   बताया जाता है कि मृतकों में कर्नाटक मैसूर की रहने 50 वर्षीय  सुनीता जैन, महाराष्ट्र के नागपुर निवासी आदित्य रविकांत पोहरे 26 वर्ष एवं नागपुर के ही 60 वर्षीय प्रकाश सिंघई शामिल है। इसमें आदित्य पोहरे के शव को उनके पैतृक घर भेज दिया गया है वहीं  अन्य दोनों का अंतिम संस्कार  मधुबन में ही किया जाएगा। हलांकि खबर लिखे जाने तक दोनों के शव धर्मशालाओं में ही रखे हुए थे।
नागपुर एवं मैसूर से आए तीर्थयात्रियों के दल में शामिल लोगों ने बताया कि यात्रियों ने रात दो बजे से ही  पर्वत की चढ़ाई शुरू कर दी थी। करीब दो किलोमीटर की चढाई यानि कलीकुंड मंदिर के समीप ही सुनीता जैन की तबियत बिगड़ गयी। उनके पति ने पहाड़ पर ही लिटाकर उन्हें आराम दिलानें की कोशिश की। इस बीच डोली मजदूरों के सहयोग से उन्हें पहा़ड़ से नीचे उतारा गया तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इधर नागपुर का आदित्य अपने करीब एक दर्जन साथयों के साथ पर्वत वंदना करने आया था। मंदिर तक पहुंचने के बाद उसकी तबियत बिगड़ गयी, उसे भी वहां से नीचे उतारा गया। नीचे उतारते - उतारते उसकी भी मौत हो गयी। वहीं नागपुर के ही प्रकाश सिंघई अपने समूह के साथ पर्वत वंदना कर रहे थे। तभी पर्वत स्थित आदिनाथ टोंक के समीप उनकी तबियत बिगड़ी और उनकी मौत हो गयी। एक ही दिन में तीन तीर्थयात्रियों की मौत से तीर्थयात्रियों के साथ-साथ स्थानिय लोगों में भी दुख की लहर दौड़ गयी है।

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