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Tuesday, April 16, 2019

ऐसे करें अपने दिन की शुरूआत, बदल जाएगी तकदीर

प्रतीकात्मक तस्वीर (साभार : गूगल सर्च)
 अपने दिन की शुरूआत कैसे करें ताकि दिनभर उमंग व उत्साह बना रहे। इस विषय पर आपने कई मोटिवेशनल गुरू, योग गुरू व चिकित्सक से सुना होगा पर आज हम आपको बता रहे हें कि आखिर हमारे शास्त्र क्या कहते हैं। शास्त्रानुसार दिन की शुरूआत करने से दिन अच्छा बीतता है साथ ही साथ दिनभर उत्साह व उमंग कम नहीं पड़ता । यही नहीं सभी प्रकार के बाधाओं से छुटकारा भी मिलता है। तो आइये जानते हैं कि हमारे शास्त्र क्या कहते हैं।
                             दिन की शुरूआत जागने से होती है। सूर्योदय से चार घड़ी यानी लगभग डेढ़ घंटे पहले जाग जाना चाहिए। नीदं से जागते ही सबसे पहले अपने हथेलियों को देखें। अपनी हथेलियों को देखते हुए आप इस श्लोक को पढ़ सकते हैं -
                               कराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती।
                               करमूले स्थितो ब्रहमा प्रभाते
करदर्शनम्।।
उसके बाद जैसे ही अपनी शय्या से उठकर धरती पर पैर रखते है। पैर रखते ही भूमि की वंदना करें। निम्न श्लोक का पाठ करते हुए अपने पैर जमीन पर रख सकते हैं।
                                समुद्रवसने    देवि पर्वतस्तनमण्डिते।
                               बिष्णुपत्नि नमस्तुभ्यं पादस्पर्श क्षमस्व मे।।



                           जमीन पर पैर रखने के बाद अब बारी आती है मंगल वस्तुओं का दर्शन। इस क्रम में चंदन, सोना, शंख आदि मंगल वस्तुओं का दर्शन करते हुए दैनिक क्रियां आगे बढ़ाएं। इसके बाद अपने शरीर पर जल छिड़ककर मानसिक शुद्धी कर लें साथ ही साथ पैर, हाथ - मुंह धोकर कुल्ला कर लें। उसके बाद पंचदेव व अन्य देवी देवताओं व ऋषियों का स्मरण कर लें। बेहतर होगा अगर आप इन सबसे संबंधित श्लोक का पाठ कर लेते हैं। शास़्त्रों में तो इस बात तक का उल्लेख है कि ऐसा करने से पूरा दिन अच्छा बीतता है। पूरी आयु मिलती है, विजय प्राप्त होती है, धन की प्राप्ति होती है साथ ही साथ हर प्रकार के बाधाओं से छुटकारा भी मिल जाता है।

                           इस सबके बाद दिन भर किए जाने वाले कार्यों की सूची बना लें। हलांकि इस काम को आप रात में  सोने से पूर्व भी बना सकते हैं ताकि आपको सुबह न बनाना पड़े। अगर रात में नहीं बनाते हैं तो इस वक्त पूरे दिन की योजना बना लें। कौन कौन से कार्य करने हैं तथा कौन सा सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। सामने सूची रहने पर आप क्रम से समय पर सभी काम निबटा लेंगे तथा कुछ भी भूलने या छूटने की संभावना न के बराबर होगी।

                            उसके बाद नित्य क्रिया अर्थात शौच, व्यायाम, योग आदि से निवृत होकर स्नान कर लें। शारिरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ्य रहने के लिए व्यायाम, योग बहुत आवश्यक है। प्रतिदिन कुछ समय योग आदि पर भी बितायें। स्नान के बाद कुछ समय पूजा, प्रार्थना करना चाहते हैं तो अवश्य करें। उसके बाद नाश्ता कर आप अपने काम में जुट सकते हैं। 

                        ये कुछ ऐसे कार्य थे जिससे आप अपने दिन शुरूआत शानदार तरीके से कर सकते हैं। मालूम हो भारतीय संस्कृति कर्म सिद्धांत पर आधारित है।  और इसके अनुसार आपको अपने किए हुए कार्यों का ही परिणाम मिलता है।

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