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Wednesday, May 15, 2019

ऐसे निखारें अपना व्यक्तित्व


कैसे निखारें अपना व्यक्तित्व ? यह एक ऐसा सवाल है जिसका समाधान लगभग सभी चाहते हैं। मनवांछित मंजिल पाने में एक प्रभावकारी व्यक्तित्व की अहम भूमिका होती है। आइयें जानें कुछ ऐसे ही टिप्स जिससे आप अपने व्यक्तित्व को निखार सकते हैं।एक बार आपने नीचे दिए गए नियमों पर अमल करना शुरू कर दिया तो अपने आप में अदभुत परिवर्तन पायेंगे। रातों रात सबकुछ बदल जानें की लालसा में न करें। नियमित रूप से अभ्यास करते रहें।

 स्वस्थ्य शरीर-


स्वास्थ्य सुख की कुंजी है। आप हर तरह का सुख भोग सकते हैं लेकिन ऐसा तभी होगा जब आपका शरीर निरोगी व स्वस्थ्य हो। रूग्ण व्यक्ति न तो जीवन का लुत्फ उठा सकता है और न अपने कार्य क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। अगर कोई रूग्ण है तो यह आवश्यक है कि वह सुबह जल्दी उठे, टहलनें जाये, संतुलित व पौष्टिक आहार ले और तनावमुक्त रहे। नियमित रूप से ऐसा करते ही वह स्वस्थ्य और प्रभावी व्यक्तित्व का मलिक बन जायेगा। व्यक्तित्व को निखारने का सबसे पहला कदम यह है कि आप अपने आपको स्वस्थ, सुंदर और सौम्य बनाइये।

पहनावा पर दें ध्यान -


 सबसे पहले लोगों की नजर जहां पड़ती है वह है हमारा पहनावा यानी ड्रेस। पहनावा हमारे सभ्य व्यक्तित्व की पहचान है। इस पोस्ट में कोई नयी बात नहीं कही जा रही है। आपने तो सुना ही होगा कि यह कोई आवश्यक नहीं की प्रभावकारी दिखने के लिए सिर्फ महंगे कपड़ों की ही जरूरत पड़ती है। साधारण सा नियम है, ड्रेस वही सही है जो आप पर जंचें।


भाषा पर भी दें ध्यान - 

भले ही आप दिखने में सुंदर हो और आप पर आपक ड्रेस सेंस भी उम्दा हो लेकिन यकीन मानिये अगर आपकी भाषा ही सही नहीं है तो लोग आपसे दूर रहना ही पसंद करेंगे। कहने का अर्थ यह कि व्यक्ति की भाषा ही उसके जीवन को परिभाषित करती है। कहते हैं कि जिन्हें बोलना आता है उनकी मिर्ची भी बिक जाती है, बोली में मिठास और अदब न हो तो मिठाई भी पड़ी रह जाती है। जिन्हें यह पता नहीं कि कब और कहां क्या बोलना चाहिए उनके साथ न तो कोई बैठना चाहता है और न ही काम करना।

सकारात्मक रहें - 

जीवन में उतार चढ़ाव आना तो प्रकृति का नियम है। पर विषम परिस्थति में भी सहज और सकारात्मक रहें। स्वयं को सदा मुस्कुराते हुए और सकारात्मक रखिए। मुस्कान से जहां आपका दूसरे पर सीधा पाजीटीव असर पड़ेगा, वहीं सकारात्मक व्यवहार से आप सीधा दूसरे के दिल में उतर जायेंगे। कहा जाता है कि किसी का सुंदर चेहरा केवल दो दिन याद रहता है पर आपके द्वारा किया गया मधुर व्यवहार आपको चिर स्थायी बना देता है। सकारात्मक होने के साथ-साथ विनम्र भी बनें। लोगों के साथ प्रेम, सम्मान और विनम्रता से पेश आइये। परिणाम स्वरूप् आपको उनलोगों के आशीष,  आत्मीयभाव व सहयोग तीनों प्राप्त होंगे।

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नकलची न बनें - 

नकलची न बनें बल्कि मौलिकता पर विश्वास रखें। भले ही औरों से प्रेरणा लिजिए वह अलग बात है पर कभी किसी की हूबहू नकल मत करिये। केवल नकल कर के सफलता नहीं पायी जा सकती है।

हर समय उपदेशक न बनें -

 हर समय किसी न किसी को उपदेश देते रहना भी एक अवगुण ही है। जो आप कहना चाहते हैं उसे खुद किजिए और इस तरह स्वयं दूसरों के लिए प्रेरक उदाहरण बनिए।



                 याद रखें सकारात्मक सोंच, मधुर वाणी, विनम्र व्यवहार, उदार दिल और समय का वचन का पाबंद आदि कुछ ऐसे गुण हैं जो अच्छे व्यक्तित्व की निशानी   है। ऐसा करने से आप एक अलग पहचान बना पायेंगे।

यह भी पढ़ें -  ये हैं व्यवस्थित जीवन के अचूक मंत्र

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