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Saturday, May 4, 2019

कहर बरपा रहा है चक्रवाती तूफान फानी

चक्रवाती तूफान फानी ने उड़ीसा के पुरी में दस्तक दे दी है। इस तूफान से पूरा जनजीवन अस्त.व्यस्त हो गया है। शुक्रवार सुबह करीब 9ः30 बजे से ही इस तूफान ने कहर बरसाना शुरू कर दिया है। तूफान के कारण उड़ीसा के तटीय इलाकों में भारी बारिश हो रही है। सुरक्षा को ले राज्य सरकार द्वारा एक ग्यारह लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है वहीं अन्य लोगों को घरों में ही रहने की सलाह दी गई है।

फानी से जनजीवन हुआ अस्त व्यस्त


उड़ीसा के भुवनेश्वर में चल रही तेज हवाओं की वजह से कई पेड़ जड़ से उखड़ कर सड़कों पर गिर गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक पूरी समुद्र की स्थिति अशांत है। तटीय इलाकों से करीब 5 किलोमीटर दूर तक स्थान को खाली करवा दिया गया है। इसके साथ ही चांदीपुर में शांत रहने वाली समुद्र की स्थिति भी उग्र हो गयी है। पानी तूफान का असर कई दिनों तक रहने वाला है।उड़ीसा के साथ साथ का असर बंगाल, झारखंड, बिहार में भी देखने को मिल रहे हैं।
इसे लेकर गृह मंत्रालय इंडियन नेवी भारतीय रेलवे एनडीआरएफ समेत तमाम अहम महकमा द्वारा हेल्पलाइन नंबर और जरूरी सूचना जारी की जा चुकी है। ओडिशा के अलग.अलग जिलों में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं और उनके हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।
उड़ीसा में पानी तूफान द्वारा जमकर मचाया जा रहे कहर को लोगों ने सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया है। इस तूफान में किसी की छत टूट गई तो किसी के मकानों पर क्रेन गिर गई।

फनी या फानी

कुछ इस तूफान का नाम फानी बोल रहे हैं तो कुछ फोनी। हमने यह जानने कि कोशिश की कि इसे क्या कहें। नाम देने वाला बांग्लादेश खुद इस तूफान को फोनी कर रहा है। फानी नाम बांग्लादेश का दिया हुआ है जिसका मतलब सांप के फन से है। दरअसल इस तूफान का नाम पहले से निर्धारित एक लिस्ट से लिया गया है। भारतीय मौसम विभाग हिंद महासागर के आसपास 8 देशों से तूफानों के 8 नामों की एक लिस्ट मांग कर इस क्षेत्र में आने वाले तूफानों के नाम रखता है। ऐसे में 64 नामों की जो लिस्ट तैयार हुई थी फानी उनमें से 57 वां तूफान है। इस लिस्ट में तूफान का नाम फानी ही था लेकिन अब बांग्लादेश फोनी कह रहा है जो बंगला उच्चारण के चलते है। पूर्व निर्धारित नाम होने के कारण बाकी देश ऐसा नहीं कर रहे।

फानी ने ले ली तीन की जान
मिडिया में आ रही खबरों के अनुसार अलग अलग जगहों में तीन महीला की मौत हो गयी।फानी की वजह से एक युवती की मौत हो गई। यह घटना पूरी जिले के सखीगोपाल पुलिस स्टेशन क्षेत्र में हुई है। यहां युवती के ऊपर  तूफान के दौरान एक पेड़ उखड़ कर गिर गया। पेड़ के नीचे दबने से उसकी मौत हो गई। दूसरा हादसा नयागढ़ जिले में हुआ है यहां एक कंक्रीट स्ट्रक्चर से मलबा उड़ा और एक महिला को जा लगा इससे महिला की मौत हो गई। इसके अलावा केंद्रपाड़ा जिले के देवेंद्र नारायणपुर गांव में भी 65 वर्षीय एक महिला की मौत हो गई।

इस तूफान से राज्य की यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ गई है ना केवल सड़क मार्ग व रेल मार्ग बल्कि हवाई मार्ग भी प्रभावित है। चक्रवाती तूफान के चलते ईस्ट कोस्ट रेलवे ने 10 ट्रेनों को रद्द कर दिया है। बता दें कि रेलवे ने इसके पहले 1 से 3 मई तक कुल 147 र्टेनों को रद्द कर दिया था। चक्रवात तूफान से निपटने के लिए पश्चिम बंगाल भी पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। कोलकाता के काली घाट में आपदा प्रबंधन की टीम अभी से अलर्ट पर है।कहर बरपा रहा है चक्रवाती तूफान फानी
चक्रवाती तूफान फानी ने उड़ीसा के पुरी में दस्तक दे दी है। इस तूफान से पूरा जनजीवन अस्त.व्यस्त हो गया है। शुक्रवार सुबह करीब 9ः30 बजे से ही इस तूफान ने कहर बरसाना शुरू कर दिया है। तूफान के कारण उड़ीसा के तटीय इलाकों में भारी बारिश हो रही है। सुरक्षा को ले राज्य सरकार द्वारा एक ग्यारह लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है वहीं अन्य लोगों को घरों में ही रहने की सलाह दी गई है।

फानी से जनजीवन हुआ अस्त व्यस्त

उड़ीसा के भुवनेश्वर में चल रही तेज हवाओं की वजह से कई पेड़ जड़ से उखड़ कर सड़कों पर गिर गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक पूरी समुद्र की स्थिति अशांत है। तटीय इलाकों से करीब 5 किलोमीटर दूर तक स्थान को खाली करवा दिया गया है। इसके साथ ही चांदीपुर में शांत रहने वाली समुद्र की स्थिति भी उग्र हो गयी है। पानी तूफान का असर कई दिनों तक रहने वाला है।उड़ीसा के साथ साथ का असर बंगाल, झारखंड, बिहार में भी देखने को मिल रहे हैं।
इसे लेकर गृह मंत्रालय इंडियन नेवी भारतीय रेलवे एनडीआरएफ समेत तमाम अहम महकमा द्वारा हेल्पलाइन नंबर और जरूरी सूचना जारी की जा चुकी है। ओडिशा के अलग.अलग जिलों में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं और उनके हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।
उड़ीसा में पानी तूफान द्वारा जमकर मचाया जा रहे कहर को लोगों ने सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया है। इस तूफान में किसी की छत टूट गई तो किसी के मकानों पर क्रेन गिर गई।

फनी या फानी


कुछ इस तूफान का नाम फानी बोल रहे हैं तो कुछ फोनी। हमने यह जानने कि कोशिश की कि इसे क्या कहें। नाम देने वाला बांग्लादेश खुद इस तूफान को फोनी कर रहा है। फानी नाम बांग्लादेश का दिया हुआ है जिसका मतलब सांप के फन से है। दरअसल इस तूफान का नाम पहले से निर्धारित एक लिस्ट से लिया गया है। भारतीय मौसम विभाग हिंद महासागर के आसपास 8 देशों से तूफानों के 8 नामों की एक लिस्ट मांग कर इस क्षेत्र में आने वाले तूफानों के नाम रखता है। ऐसे में 64 नामों की जो लिस्ट तैयार हुई थी फानी उनमें से 57 वां तूफान है। इस लिस्ट में तूफान का नाम फानी ही था लेकिन अब बांग्लादेश फोनी कह रहा है जो बंगला उच्चारण के चलते है। पूर्व निर्धारित नाम होने के कारण बाकी देश ऐसा नहीं कर रहे।

फानी ने ले ली तीन की जान

मिडिया में आ रही खबरों के अनुसार अलग अलग जगहों में तीन महीला की मौत हो गयी।फानी की वजह से एक युवती की मौत हो गई। यह घटना पूरी जिले के सखीगोपाल पुलिस स्टेशन क्षेत्र में हुई है। यहां युवती के ऊपर  तूफान के दौरान एक पेड़ उखड़ कर गिर गया। पेड़ के नीचे दबने से उसकी मौत हो गई। दूसरा हादसा नयागढ़ जिले में हुआ है यहां एक कंक्रीट स्ट्रक्चर से मलबा उड़ा और एक महिला को जा लगा इससे महिला की मौत हो गई। इसके अलावा केंद्रपाड़ा जिले के देवेंद्र नारायणपुर गांव में भी 65 वर्षीय एक महिला की मौत हो गई।
इस तूफान से राज्य की यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ गई है ना केवल सड़क मार्ग व रेल मार्ग बल्कि हवाई मार्ग भी प्रभावित है। चक्रवाती तूफान के चलते ईस्ट कोस्ट रेलवे ने 10 ट्रेनों को रद्द कर दिया है। बता दें कि रेलवे ने इसके पहले 1 से 3 मई तक कुल 147 र्टेनों को रद्द कर दिया था। चक्रवात तूफान से निपटने के लिए पश्चिम बंगाल भी पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। कोलकाता के काली घाट में आपदा प्रबंधन की टीम अभी से अलर्ट पर है।

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