सफल होना है तो इन छह आदतों से रहें दूर - deshduniyaweb

deshduniyaweb

Local, National and International News

Breaking

Home Top Ad

Responsive Ads Here

Post Top Ad

Responsive Ads Here

मंगलवार, 3 दिसंबर 2019

सफल होना है तो इन छह आदतों से रहें दूर

सफल व्यक्तित्व के पीछे अच्छी आदतों का बहुत बड़ा हाथ होता है। जीवन में सफलता पाने के लिए अच्छी आदतों का होना बहुत आवश्यक है। आज हम इस पोस्ट में ऐसी आदतों के बारे में बारे में बता रहे हैं जो किसी भी व्यक्ति की छवि खराब करने में सक्षम है। अगर आपमें निम्न आदतें हैं तो फिर आप सफलता को भूल जाइये या फिर आप एक नया मुकाम हासिल करना चाहते हैं तो इन आदतों को अपने पास फटकने भी न दें। इन आदतों के कारण संबंधित व्यक्ति को गंभीरता से नहीं लिया जाता है। इस पोस्ट में ऐसी छह आदतों की सूची है जिससे बच कर रहना बहुत आवश्यक है।  

गलतियों से सबक न लेना - गलतियां सबसे होती है। अगर आप कोई काम करेंगे तो गलती होने की संभावना से इनकार नहीं कर सकते। गलती करना अवगुण नहीं है बल्कि अपनी गलतियों से सबक न लेना एक बड़ा अवगुण है। अपनी गलतियों से सबक न लेकर उसी गलती को दोहराने की आदत बहुत बुरी आदत है। ऐसे में लोग कुछ बताने व समझाने से भी परहेज करने लग जाते है। तथा ऐसे व्यक्ति को काम सौंपने से भी बचते हैं। उन्हें पता होता है कि कुछ भी कर लो यह बंदा सुधरने वाला नहीं। 

खुद की बड़ाई करते रहना - कुछ लोग ऐसे होते हैं जिससे आप बात शुरू करते हैं और वह सिर्फ अपने बारे में ही शुरू हो जाते है। या यूं कहें कि लंबी लंबी डींगें हांकना शुरू कर देते हैं। हर किसी को बताते फिरते हैं कि पड़ोस के शर्मा जी जिनका बिजनेस आज फल-फूल रहा है न उस बिजनसे का आइडिया तो उन्होंने ही दिया था। अमुक काम उनके वजह से ही हुआ। कंपनी आज जिस उंचाईं पर है उसमें उनकी भूमिका सबसे ज्यादा है आदि। याद रखें यह आदत अंहकार का परिचायक होती है। किसी भी परिवार में या कंपनी में किसी भी तरह के उपलब्धी में हमेशा टीमवर्क ही होता है, भले ही किसी की भूमिका कम हो या ज्यादा। इसलिए दूसरों को कमतर आंकने और खुद को बेहतर समझने वाले लोगों को कोई पसंद नहीं करता। ऐसी स्थिति में ऐसे लोगों की सहायता करना कोई पसंद नहीं करता क्योंकि सब जानते हंै चाहे जो कुछ कर दो अंत में सारा श्रेय खुद ही लेंगे। ऐसे में इन्हें वक्त पड़नें पर किसी का सहारा भी नहीं मिलता।

दूसरों पर दोष थोपना - किसी किसी की आदत होती है अगर वे सफल हो गये तो सारा श्रेय खुद ले लेते हैं और असफल हो गये तो खुद पल्ला झाड़कर दूर खड़े हो जाते हैं। यही नहीं सारा दोष अपने परिजनों या अपनी टीम के दूसरे साथियों पर थोप देंगे। ऐसे लोगों को कहीं भी पसंद नहीं किया जाता है। क्योंकि किसी भी प्रोजेक्ट में सफलता व असफलता में सब का साथ होता है किसी अकेले व्यक्ति का नहीं। इसलिए इस तरह की बातों से जितना बचा जाये उतना अच्छा।

अपने आपको निरीह दर्शाना - कुछ लोग हमेशा खुद को सताया हुआ असहाय बताते फिरते हैं। हर समय यह बताने की कोशिश करते हैं कि कैसे वे समय का मारा हैं। साथ ही साथ हर किसी से सहानुभूति की उम्मीद रखते हैं। इनमें न तो कोई प्राब्लम साल्व करने की क्षमता होती है और न ही किसी काम को अंजाम देने की। अपनी असफलताओं या जमाने से पिछड़ जाने के लिए ये कभी अपनी खराब सेहत का रोना रोते हैं तो कभी खराब मूड का। हर वक्त नकारात्मक ख्याल प्रकट करने और रोते धोते रहने के कारण ऐसे लोगों के पास फटकने में ही सब डरते हैं।

हर वक्त चुगली करना - चुगली करना एक बड़ा अवगुण है। कई लोग हर वक्त एक व्यक्ति की बात दूसरे व्यक्ति को बताते रहते हैं।  जो सामने न हो उसके बारे में कुछ न कुछ बातें करते हैं और उसकी बुराई करते हैं। धीरे धीरे सभी लोग ऐसे व्यक्ति को समझ जाते हैं तथा उनके समक्ष कुछ प्रकट करने से हिचकते हैं। और लोग किसी के भी दोस्त की सूची में नहीं आते।

कल पर काम टालने की प्रवृति - अगर आप भी कोई काम आने पर उसे कल पर टाल देते हैं तो याद रखें कि यह आदत आपकी सफलता पर प्रश्नचिन्ह लगाकर रखती है। टालमटोल का रवैया न केवल आपके बाॅस को चिढा़ता है बल्कि आपके सहकर्मी भी आपको हेय दृष्टि से देखने लग जाते हैं। वर्कप्लेस ही नहीं घर में भी आपकी इस आदत से छवि खराब हो जाती है। आलस्य की वजह से आपका काम कभी पूरा नहीं हो पाता और कभी आगे नहीं बढ़ पाते।  यदि आपमें भी  इनमें से कोई एक आदत है तो जल्द से जल्द इनसे छूटकारा पा लें।

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages