चादरपोशी को ले खरगडीहा में उमड़ा भक्तों का सैलाब - deshduniyaweb

deshduniyaweb

Local, National and International News

Breaking

Home Top Ad

Responsive Ads Here

Post Top Ad

Responsive Ads Here

शुक्रवार, 10 जनवरी 2020

चादरपोशी को ले खरगडीहा में उमड़ा भक्तों का सैलाब

समााधि भवन
गिरिडीह जिलान्तर्गत जमुआ प्रखंड के खरगडीहा में प्रतिवर्ष पौष पूर्णिमा के अवसर पर लंगटा बाबा की समाधि में चादरपोशी की जाती है। वर्ष 1910 में लंगटा बाबा ने समाधि ले ली तब से भक्तगण हर पौष पूर्णिमा को चादर चढ़ाते है। 10 जनवरी 2020 को भी चादरपोशी के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। प्रस्तुत है आंखों देखा विवरण :

तय कार्यक्रम के तहत सर्द सुबह लंगटा बाबा की समाधिस्थल के लिए तैयार हुआ। सुबह 6 बजे बाइक स्टार्ट किया और चल दिया अपने गंतव्य की ओर, लेकिन दस किलोमीटर चलने के बाद ही इस बात का अहसास हो गया कि इस कंपकांपाती मौसम में बाइक चलाना भी इतना आसान काम नहीं है। जैसे ही बाइक अपनी गति पकड़ती ठंढी हवा शरीर में चूभने लगती। तीस किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद कुछ देर भगवान भास्कर की प्रतिक्षा में खड़ा रहा ताकि धूप निकलने के बाद कुछ राहत मिले,धूप तो निकली पर तापहीन।।

भक्तों की भीड़
भक्तों की भीड़
                                  नौ बजे मैं जमुआ चैक पहुंच चुका था। जमुआ चैक से लगभग दस किलोमीटर की दूरी पर समाधिस्थल है। यही से चादरपोशी को ले चहलपहल देखी जा रही थी। न केवल झारखंड राज्य के विभिन्न जिलों से बल्कि अन्य राज्यों से भी बाबा भक्तों का जत्था समाधि की ओर पूरे श्रद्धा भाव से जा रहा था। जमुआ से निकलते ही भारी भीड़ मिलने लगी, धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए मैं खरगडीहा पहुंच गया। खरगडीहा स्थित मुख्य मार्ग में जबर्दस्त भीड़ थी। भक्तों की सुविधा के लिए समाधि स्थल से एक किलोमीटर पहले से ही जमुआ . देवघर मुख्य पथ पर दोनों और बैरियर लगाकर वाहनों का आवगमन रोक दिया गया था। नयी जगह पर पहुंचकर भीड़ का आकलन करना एक कठिन काम है। वैसे यहां कोई ऐसा कार्यालय आदि भी नहीं मिला जिससे भीड़ के बारे में ठीक ठाक अंदाजा मिल जाय लिहाजा मैं भीड़ से संबंधित कोई आंकड़ा  नहीं दे रहा हूं।


चादरपोशी करते भक्तगण
चादरपोशी करते भक्तगण
                    समाधिस्थल के अंदर का नजारा भी बाहर जैसा ही था, जहां भक्तों की भीड़ अपने . अपने हाथों में चादर लेकर चादरपोशी करने को ले अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। भीड़ ऐसी कि सरकना पड़ रहा था। पहुंचते ही बताया गया कि चादरपोशी का सिलसिला अपनी परंपरा के अनुसार सुबह चार बजे से ही शुरू हो गया था। समााधि में सबसे पहले चादरपोशी स्थानीय थाना के थाना प्रभारी ने की। उसके बाद  भक्तजनों के लिए पट खोल दिया गया। हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई सभी चादरपोशी कर मन्नतें मांगी। भारी भीड़ होने के कारण भीड़ को अनियंत्रित होते भी देखा गया। लेकिन प्रशासन की सतर्कता और इंतजाम की वजह से शीघ्र नियंत्रित कर लिया जाता रहा। महिला और पुरूष के लिए अलग अलग प्रवेश द्वार और निकासी की व्यवस्था की गयी थी।
                                               
चादरपोशी करते उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक
चादरपोशी करते उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक
     
साधुओं की टोली
साधुओं की टोली
                        लंगटा बाबा समाधि दिवस के अवसर पर विभिन्न जगहों से साधु और फकीर भी पहुंचे। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी इनलोगों के लिए यहां धूनी रमाने और खान पान की माकूल व्यवस्था की गयी थी। बाबा को माननेवाले हजारों संतों का भी यहां मेला लगा रहा।गिरिडीह के उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा व पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार झा ने चादरपोशी की। अन्य अधिकारियों ने भी चादरपोशी की। विधि व्यवस्था को दुरूस्त रखने को ले भारी संख्या में पुलिस जवानों की तैनाती की गयी थी।

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages