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सोमवार, 13 जनवरी 2020

मकर राशि के जातकों का व्यक्तित्व

मकर राशि राशि चक्र की दसवीं और मगर जैसी आकृति वाली राशि है। कालपुरूष की देह में इसका दोनों घुटनो पर अधिकार है। यह राशि स्त्री जाति, चर स्वभाव, वात प्रकृति, पृथ्वीतत्व, रात्रि बलि, वैश्य वर्ण, दक्षिण दिशा की स्वामिनी और शिथिल शरीर है। यह शनि की स्वराशि है। एक भृत्य की भांति कर्तव्यपरायणता और उच्चाभिलाषी होना इसका स्वभाविक गुण है। घुटनों का विचार इसी से किया जाता है।

मकर राशि वाले न्यायप्रिय होते हैं। वे हर कार्य को बड़े विचार करने के उपरांत ही करते हैं। उनकी कद.काठी सामान्य या दुबली.पतली होती है। अपनी बात के पक्के होते हैं। उनकी संकल्पशक्ति बहुत अधिक होती है। मकर राशि के जातक थोड़े जिद्दी एवं कठोर स्वभाव वाले होते हैं। यदि शनि शुभ स्थिति में नहीं है तो मकर राशि का जातक निराशावादी व क्रूर भी हो सकता है। मकर राशि जातक थोड़े आलसी व लापरवाह किस्म के होते हैं। उनका दाम्पत्य सामान्य होता है किंतु अपनी बात पर अड़े रहने की आदत के कारण उनके अपने जीवनसाथी से अक्सर मतभेद रहते हैं।
मकर राशि के जातकों के लिए नौकरी अधिक लाभदायक रहती है। वे सरकारी या गैर.सरकारी संस्थानों में सेवा कर अपने जीवन में लाभ प्राप्त करते हैं। मकर राशि के जातक शासकीय, अशासकीय सेवक, ठेकेदार, खनन, पेट्रोलियम पदार्थों के व्यवसाय, खेती, अनुसंधानकर्ता, वैज्ञानिक, गणितज्ञ आदि क्षेत्रों में अधिक सफल होते हैं।

      इस राशि के पुरूष अपने जीवन उत्थान के बारे में बहुत सजग और जागरूक रहते हैं। इनके सामने सबसे पहला प्रश्न जीवन को बनाना व संवारना होता है। शेष विषय इनके लिए दूसरा स्थान रखते हैं। किसी के साथ संबंध बनाते वक्त समय ये अपना स्वार्थ पहले देखते हैं। बहुत ही स्वार्थी व गंभीर प्रकृति के होते हैं।

      इस राशि की स्त्रियों का व्यक्तित्व किसी हद तक एक कठोर व्यक्तित्व को दर्शाता है। यह अधिक विश्वासी, योग्य और नियमबद्ध ढंग से चलने वाली होती हैं। 

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