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शनिवार, 1 फ़रवरी 2020

ऐतिहासिक धरोहरों को समझने निकले शिखरजी के 50 बच्चे

बच्चों को रवाना करते मुख्य अतिथि व अन्य
मधुबन, गिरिडीह (झारखंड) :  नालंदा विश्वविद्यालय जैसे ऐतिहासिक स्थलों से रूबरू होने के उद्देश्य से शनिवार को शिखरजी व आसपास के पचास बच्चे शैक्षणिक भ्रमण पर गये। इन जिज्ञासुओं के समूह को निहारिका परिसर से ध्वज लहराकर रवाना किया गया। बताते चलें कि ऐतिहासिक स्थलों के महत्व को समझने के लिए श्री दिगंबर जैन शाश्वत तीर्थराज सम्मेदशिखर ट्रस्ट द्वारा शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इस क्रम में बच्चों को नालंदा, राजगीर, पावापुरी, बोधगया आदि जगहों का भ्रमण कराया जायेगा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सम्मेदशिखरजी व आसपास के ग्रामीण विद्यालयों के बच्चों के प्रतिभा को निखारना है।                    शनिवार को आयोजित कार्यक्रम के दौरान ट्रस्ट के महामंत्री श्री राजकुमार जैन अजमेरा, हजारीबाग ने बताया ग्रामीण विद्यालय के बच्चे अपने क्षेत्र से बाहर नहीं जा सकते हैं ऐसे में इस तरह के कार्यक्रम से ही इन्हें नालंदा विश्वविद्यालय जैसे जगहों की भौगोलिक जानकारी से अवगत कराया जा सकता है। ग्रामीण बच्चों को  शिक्षा के क्षेत्र में अधिक जागरूक करने की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा कि अभी तक ट्रस्ट चिकित्सा क्षेत्र में विकलांग शिविर, कैंसर निरोधक शिविर, नेत्र चिकित्सा कैम्प, एम्बुलेंस सुविधा, ग्रामीण बच्चों के प्रतिभा का विकास के लिए गांव स्तर पर आचार्य विद्यासागर फुटबाल टूर्नामेंट का आयोजन, बाल प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, ठंड के समय शिखरजी के आस.पास के ग्रामीण क्षेत्रों में कम्बल वितरण आदि  अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं चलाता रहा है।
                    बच्चों को भ्रमण पर भेजने के दौरान बच्चों के अलावा विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक व शाश्वत ट्रस्ट के पदाधिकारी समेत कई अन्य उपस्थित थे।

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