व्यवहार ही व्यक्तित्व का आधार - deshduniyaweb

deshduniyaweb

Local, National and International News

Breaking

Home Top Ad

Responsive Ads Here

Post Top Ad

Responsive Ads Here

सोमवार, 10 फ़रवरी 2020

व्यवहार ही व्यक्तित्व का आधार


कहा जाता है कि आप गोरे हैं या काले इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। गोरा या काला होना किसी भी व्यक्ति के हाथ में नहीं है। चेहरा को तो उसी रूप में सहर्ष स्वीकार करना होगा जैसा मिला है। एक अच्छे व्यक्तित्व के लिए बहुत सुंदर होना आवष्यक नहीं है। एक अच्छे व प्रभावशाली व्यक्तित्व के लिए जो परमावश्यक है वह है व्यवहार।

  एक सुंदर व अच्छा चेंहरा भले ही आपको याद रहे न रहे पर आपके साथ किसी व्यक्ति द्वारा किया गया व्यवहार ताउम्र याद रहता है। और सबसे सुंदर बात यह कि व्यवहार को बदलना और उसे बेहतर बनाना हर किसी के हाथ में है। आप संपन्न घर में पैदा हुए हों या फिर विपन्न घर में यह नसीब की बात है। आपके पिता सद्व्यवहार करते हैं या फिर र्दुव्यवहार  यह भी नसीब की बात है। लेकिन आप औरों के साथ कैसे पेश आते हैं। आपकी सोच और विचार कैसे हैं। आपका व्यवहार कैसा है यह नसीब की नहीं आपकी अपनी देन है। विषय पर पूरा मंथन करने पर आप पायेंगे आपको अपने नसीब की नहीं बल्कि अपने व्यवहार को सुधारने की जरूरत है। अगर आप अपने व्यवहार को सुधारना चाहते हैं तो ये कुछ आवश्यक कदम हैं जिन्हें उठाना होगा।

सम्मान देना सीखें -

 दूसरों को सम्मान देना सीखें न कि सम्मान पाने की ख्वाहिश रखें। जो सम्मान देता है बदले में वह भी सम्मान पाता है। मनुष्य होने के नाते एक दूजे को अवश्य सम्मान दें। किसी दूसरे को किया गया सम्मान स्वयं अपना ही सम्मान है। जब भी बोलें प्यार की भाषा बोलें। हमेशा सम्मानपूर्वक व शालीनतापूर्वक व्यवहार करें।
दूसरों की सुनें - कई ऐसे लोग होते हैं जब वह बोलते हैं तो किसी अन्य को बोलने का मौका ही नहीं देते हैं। अगर आपसे कोई कुछ कहना चाहता है तो गंभीरता पूर्वक सुनें किसी ने आपसे कोई बात कही है तो उसे सही अर्थों में ग्रहण करें। आपको अपनी बातें दूसरों से कहने की आदत है तो दूसरों की बातें सुनने की भी आदत डालें। सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि बातचीत के दौरान तर्क भले ही ंकरें पर तकरार कभी न करें। अपनी बात को तर्क के साथ रखें पर उसे बहस पर ले जाकर तकरार करना ओछापन है। कुल मिलाकर बात यह कि व्यर्थ की बहसबाजी और तकरार में कभी न उलझें।

पीठ पीछे भी तारीफ -

 एक व्यवहार कुशल व्यक्ति के रूप में अपनी पहचान बनाने के लिए आवश्यक है कि कभी किसी के बारे में पीठ पीछे टिप्पणी न करें। यह आपके व्यवहार का दोष है। जब सामने वाले व्यक्ति को खबर लगती है तो वह मानसिक रूप से आपसे टूटता है। ऐसे में न केवल आपके संबंधों में दरार आ जायेगी बल्कि आपका व्यक्तित्व भी प्रभावित होगा।

अपने वचनों पर कायम रहें -

 प्रभावशाली शख्सियत के लिए यह जरूरी है कि अपने द्वारा किए गए वायदे को जरूर पूरा करें। अगर आप वचन देते हैं तो उसे पूर्ण करने की जिम्मेदारी निभायें। यहां यह ध्यान देने वाली बात है कि आप अहसानमंद रहें पर अहसान जतलाने की कोशिश न करें।

वक्त-बेवक्त काम आयें - 

सबसे महत्वपूर्ण बात यह भरोसेमंद बनें और वफादारी निभानंे की कोशिश करें। विपत्ति की बेला में मददगार बनिये और उसके काम करने की कोशिश कीजिए। सच्चाई, ईमानदारी, निष्कपट व्यवहार के साथ जीवन जीएं। प्रभावी व्यवहार का अंतिम सूत्र है कि अपने जीवन में सदा विनम्र बनें रहें। जो जितना महाना होता है वह उतना ही विनम्र होता है।  

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages