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शुक्रवार, 2 अक्तूबर 2020

आठ अक्टूबर से झारखंड में खुलेंगे धार्मिक स्थल

 


झारखंड सरकार ने गुरुवार को अनलॉक 5.0 के तहत दुर्गा पूजा के अलावा धार्मिक स्थलों को खोलने को लेकर गाइडलाइन जारी किये हैं। इसके तहत कंटेनमेंट जोन से बाहर पड़ने वाले धार्मिक स्थल 8 अक्टूबर से लोगों के दर्शन के लिए खोल दिये जायेंगे। वहीं, कुछ पाबंदियों के साथ दुर्गा पूजा पंडाल लगाने की छूट मिली है दुर्गापूजा को छोड अन्य धार्मिक स्थलों के लिए गाइडलाइल अलग से जारी किये जायेंगे। वहीं, स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों से लेकर सिनेमा हॉल और मल्टीप्लेक्स पहले की तरह ही बंद रहेंगे। इस संबंध में मुख्य सचिव सुखदेव सिंह के हस्ताक्षर से आदेश जारी किया गया है। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए सार्वजनिक जगहों पर फेस मास्क पहनना अनिवार्य रहेगा, वहीं सोशल डिस्टैंसिंग का भी पालन हर हाल में करना होगा।

आगामी 8 अक्टूबर से कंटेनमेंट जोन के बाहर धार्मिक गतिविधियों में छूट दी गयी है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार दुर्गा पूजा का आयोजन छोटा पूजा पंडाल, मंदिरों और घरों में किया जायेगा। यहां पर सोशल डिस्टेंसिग का पालन करना जरूरी होगा. पूजा का आयोजन छोटे पंडालों और मंडप में किया जा सकेगा, जहां पर पूजा करने की परंपरा चलती आ रही है। इसका उद्देश्य सिर्फ पूजा करना होगा। इसमें भीड़ जुटाने की मनाही होगी।

पूजा पंडाल को ऐसा बनाया जायेगा, ताकि बाहर से मूर्ति न दिख सके और श्रद्धालुओं की भीड़ में एक साथ अधिक न लगे. पंडाल को खुला रखने को कहा गया। सिर्फ जहां मूर्ति रहेगी उसे ही ढका हुआ रखना है। पूजा पंडाल में एक समय में पुजारी और आयोजकों को मिला कर सिर्फ 7 लोगों को ही रहने की छूट है। पूजा पंडाल या मंडप के आसपास किसी प्रकार की लाइटिंग या सजावट की अनुमति नहीं होगी।

पूजा पंडाल का मंडप का निर्माण किसी भी विशेष थीम पर नहीं किया जायेगा। पूजा पंडाल और मंडप के आस-पास किसी भी प्रकार के तोरण द्वार बनाने की अनुमति नहीं होगी। जिस जगह पर मूर्ति रखी जायेगी सिर्फ उसी स्थान को घेरने की अनुमति होगी। बाकी पंडाल या मंडप चारों तरफ से खुले रहेंगे।

मूर्ति का आकार 4 फीट से अधिक नहीं होनी चाहिए। भीड़ को संबोधित करने के लिए किसी भी प्रकार स्टेज या यंत्र लगाने की अनुमति नही होगी। इसके अलावा किसी भी प्रकार के मेला का आयोजन करने की अनुमति नहीं दी जायेगी।

विसर्जन जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी. जिला प्रशासन द्वारा तय जगह पर मूर्ति विसर्जित की जायेगी। किसी भी प्रकार के संगीत या मनोरंजन के कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं दी जायेगी। किसी भी प्रकार के भोग वितरण या सामूहिक भोज का आयोजन करने की मनाही होगी।

पूजा पंडाल या आयोजनकर्ता किसी प्रकार का निमंत्रण जारी नहीं करेंगे. पूजा पंडाल या मंडप का उद्घाटन करने के लिए किसी प्रकार का कार्यक्रम आयोजन करने की अनुमति नहीं होगी। किसी भी सार्वजनिक जगह पर डांडिया या गरबा का आयोजन करने की अनुमति नहीं होगी।

सार्वजनिक स्थानों पर रावण दहन कार्यक्रम नहीं होगा, क्योंकि इसमें बहुत भीड़ जुटने की संभावना रहती है। पूजा पंडाल में रहने वाले लोगों के लिए कोविड-19 के तहत स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी किये प्रोटोकॉल जैसे सोशल डिस्टेंसिंग फेस मास्क जैसे नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।

सार्वजनिक जगहों पर फेसमास्क लगाना अनिवार्य होगा. हर एक व्यक्ति को सार्वजनिक जगहों पर सोशल डिस्टेंसिंग के तहत कम के कम 6 फीट की दूरी रखनी होगी. पूजा पंडाल में पूजा का आयोजन करने वाले लोगों को प्रशासन द्वारा लागू किये गये नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।

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