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मंगलवार, 6 अक्तूबर 2020

यदि आप भी बद्रीनाथ- केदारनाथ की यात्रा करने वाले हैं, तो जाने से पहलें जान ले ये बात

चारधाम (Photo -google image)

 क्या आप भी बद्रीनाथ व केदारनाथ की यात्रा पर जा रहें हैं?  यदि हां, तो यह पोस्ट आप ही के लिए है। यात्रा शुरू करने से पहले आपको यह पोस्ट जरूर पढ़ लेना चाहिए।


उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड ने निर्णय लिया है कि बदरीनाथ, केदारनाथ धाम में तीन.-तीन हजार श्रद्धालु ही दर्शन कर सकेंगे। गंगोत्री धाम में 900 और यमुनोत्री में 700 श्रद्धालुओं को दर्शन करने की इजाजत दी गई है। इस बाबत बोर्ड ने साफ किया कि ई पास पर दर्ज तारीख पर ही चारधाम दर्शन की अनुमति दी जाएगी।
चारों धामों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड ने श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा किया है। बदरीनाथ धाम में तीन हजार, केदारनाथ धाम में तीन हजार श्रद्धालु अब दर्शन कर सकेंगे।
केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को शाम तीन बजे से पहले ही सोनप्रयाग से आगे रवाना होना होगा। इसके बाद प्रवेश नहीं दिया जाएगा। धामों में तय संख्या से अधिक श्रद्धालु न पहुंच सके, इसके लिए भी सख्ती होगी।
ई पास पर दर्ज तारीख की बजाय यदि किसी दूसरी तारीख पर दर्शन को श्रद्धालु पहुंचेंगे तो उन्हें प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसलिए अपने पास पर दर्ज तारीख का अवश्य खयाल रखें। देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के अनुसार श्रद्धालुओं के दर्शन को लेकर जो संख्या बढ़ाई गई है, उसके अनुरूप धाम में व्यवस्थाएं की जाएंगी।
अब धामों में श्रद्धालुओं के दर्शन का ये है मानक
बदरीनाथ..3,000
केदारनाथ ..3,000
गंगोत्री.. 9,00
यमुनोत्री..7,00

बताते चलें कि चारों धाम की यात्रा के लिए पंजीयन आवश्यक है। आप अपना पंजीयन बद्रीनाथ-केदारनाथ की आॅफिसियल वेबसाइट में करा सकते है। सफलतापूर्वक पंजीयन के बाद ई-पास डाउनलोड कर सकते हैं। यह ई-पास यात्रा के लिए बेहद आवश्यक है इसके बिना आप यात्रा नहीं कर पायेंगे। यहां तक कि आप पूजा, आरती, भोग आदि भी अपने तय तारीख में बूक कर सकते हैं।

गर्भवती, शिशु, दस वर्ष से कम तथा 65 वर्ष से अधिक उम्र के यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे चार धाम की यात्रा से बचें। पर वैसे यात्री जो कोरोना महामारी के दौरान चार धाम की यात्रा करेंगे उन्हें यात्रा के क्रम में कई नियमों का पालन करना होगा। इन सभी नियमों को उक्त वेबसाइट पर स्पष्ट रूप से बता दिया गया है। फिर भी मैं कुछ महत्वपूर्ण नियमों का जिक्र करना चाहूंगा। यहां मैं एक चीज और बताना चाहूंगा कि अगर कोई भक्त हैलीकाप्टर से जाना चाहता है तो उसे ई -पास के लिए अप्लाई करने की जरूरत नहीं होगी क्योंकि जो सेवा प्रदाता है उसे इस तरह के यात्रियों का रिकार्ड रखना है। 

तो आइये जान लेते हैं कुछ नियमों को जिन्हें यात्रा के दौरान पालन करना होगा।


1. यात्रा के दौरान हैंड सैनिटाइजर आवश्यक रूप से रखना होगा तथा समय - समय पर इसका उपयोग करना होगा।
2. अगर किसी यात्री को सांस लेने में तकलीफ, सर्दी, बुखार जैसी समस्या शुरू हो जाती हैं तो तत्काल यात्रा रोक देनी चाहिए और यात्रा शुरू न की हो तो ई-पास का अप्लाई नहीं करना चाहिए।
3. हरेक तीर्थयात्री को कोविड एडवाइजरी का पालन अवश्य करना होगा।
4. तीर्थयात्रियों को हिदायत दी जाती है कि यात्रा के दौरान, मंदिर के अंदर किसी भी प्रतिमा का स्पर्श न करें।
5. बेहतर होगा कि अपने साथ आईडी कार्ड, एड्रेस प्रुफ आदि अवश्य रखें।

  

                                                                                                                         - दीपक मिश्रा, देशदुनियावेब

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