अप्रैल 2021 के व्रत-त्योहार - deshduniyaweb

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शनिवार, 20 मार्च 2021

अप्रैल 2021 के व्रत-त्योहार

 

इस पोस्ट में हम में हम आपको अप्रैल 2021 में होने वाल व्रत-त्योहार की जानकारी देंगे। आइये जानते हैं इनकी सूची, तारीख महत्व।

            

02 अप्रैल - रंग पंचमी

इस दिन रंगपंचमी का पर्व मनाया जायेगा। इसके अलावा ईसाई समाज का गुड फ्राइडे भी इसी दिन मनाया जाना है।

 

05 अप्रैल - श्री शीतलाष्टमी व्रत

लोकभाषा में वसियउरा के नाम से प्रचलित श्री शीतलाष्टमी का व्रत 5 अप्रैल यानी सोमवार को किया जायेगा।

शीतला अष्टमी में बासी भोजन ही माता को चढ़ाया जाता है और प्रसाद के रुप में ग्रहण किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन के बाद बासी भोजन नहीं ग्रहण करना चाहिए वो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शीतला माता का स्वरूप अत्यंत शीतल है, जो रोग.दोषों को हरण करने वाली हैं। माता के हाथों में कलश, सूप, झाड़ू और नीम के पत्ते हैं और वे गधे की सवारी करती हैं।

07 अप्रैल - पापमोचनी एकादशी

एकादशी व्रत भगवान विष्णु जी की आराधना के लिए रखा जाता है। हिन्दू पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह में दो बार शुक्ल और कृष्ण पक्षद्ध एकादशी तिथि आती है। हर एक एकादशी का अपना एक विशेष महत्व होता है। हिन्दू पौराणिक शास्त्रों में एकादशी तिथि का बड़ा महत्व बताया गया है। एकादशी कोहरि का दिनऔरहरि वासरके नाम से भी जाना जाता है। हरि यानी जगत के पालनहार भगवान विष्णु का दिन। ऐसा कहा जाता है कि एकादशी व्रत हवन, यज्ञ वैदिक कर्म.कांड आदि से भी अधिक फल देता है।

 

इस दिन से पंचक भी आरंभ हो रहा है। पांच दिनों के लिए नया कार्य यात्रादि से परहेज किया जाता है। पंचक की समाप्ति 12 अप्रैल को दिन में 1039 बजे होगी।

11 अप्रैल - सोमवती अमावस्या

इस दिन स्नानदान सहित सोमवती अमावस्या पर्व का योग बन रहा है। इसमें सौभाग्य वृद्धि की कामना से स्त्रियां पीपल वृक्ष में भगवान बिष्णु को प्रतिष्ठित मानते हुए पीपल वृ़क्ष की 108 परिक्रमा करेगी।

 13 अप्रैल - नवसंवत्सर 

नवसंवत्सर 2078 का आरंभ हो जायेगा। साथ ही साथ वासंतिक नवरात्र की भी शुरूआत हो जायेगी। कलश स्थापना प्रातः काल से लेकर दिन में 0846 बजे तक किया जायेगा। अभिजित मुहूर्त का समय मध्यान्ह 1136 से 1224 के बीच होगा।

18 अप्रैल - चैती छठ पूजा

इस दिन छठ व्रत मनाया जायेगा। इस व्रत को भी डाला छठ की तरह ही मनाया जाता है।

20 अप्रैल - महाअष्टमी

20 अप्रैल अर्थात मंगलवार को महाअष्टमी व्रत का मान होगा।


 

21 अप्रैल - रामनवमी

नवरात्रि की समाप्ति से संबंधित हवन-पूजा का आयोजन किया जायेगा।

मर्यादा पुरूषोत्तम प्रभु श्री राम का जन्मोत्सव सर्वत्र धूमधाम से मनाया जायेगा।भये प्रगट कृपालाकी अनुगूंज के साथ ही सब कुछ राममय हो जायेगा।

23 अप्रैल - कामदा एकादशी

25 अप्रैल - महावीर जयंती

महावीर जयंती का मान 25 अप्रैल को होगा। जैन मतावलंबीजनों के लिए यह दिन काफी महत्वपूर्ण होगा। जगह-जगह धूमधाम से महावीर जयंती मनायी जायेगी।

27 अप्रैल - हनुमान जयंती

दक्षिणात्यमत से श्री हनुमान जी की जयंती 27 अप्रैल अर्थात मंगलवार को होगी। मंगलवार के दिन की हनुमज्जयन्ती अत्यंत पुण्यकारक एवं मनोकामना सिद्धिकारक होगी।

 

                                                                                                            - दीपक मिश्रा, देशदुनियावेब  

 

 

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