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बुधवार, 14 अप्रैल 2021

जानें कैसे हुआ था मधु कैटभ का वध

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नवरात्रि - 2

नवरात्र के अवसर पर दुर्गासप्तशती का पाठ किया जा रहा है। दुर्गासप्तशती में विस्तार से वर्णन है कि भगवती दुर्गा न कैसे असुरों का संहार कर धर्म की रक्षा की तथा देवों व भक्तों को भयहीन किया। चंडी के प्रथम अध्याय ही में मधु कैटभ नामक असुरों का वर्णन है। यह घटना कुछ इस प्रकार है।

एक समय की बात है भगवान बिष्णु योगनिद्रा का आश्रय लेते हुए सो रहे थे। सोने के दौरान ही उनके कानों के मैल से दो भयंकर असुर उत्पन्न हुए। वे दोनों असुर मधु और कैटभ के नाम से विख्यात हुए। इन असुरों का दुस्साहस इतना बढ़ गया कि ये दोनों ब्रह्माजी की ही वध करने की ठान ली। इधर भगवान बिष्णु के नाभिकमल में विराजमान प्रजापति ब्रह्माजी ने उन दोनों भयानक असुरों को अपने पास आया देखा तो भगवान बिष्णु का जगाने के लिए एकाग्रचित्त होकर योगनिद्रा की स्तुती शुरू कर दी।
 

वही योगनिद्रा जो इस विश्व को धारण करने वाली तथा भगवान बिष्णु की अनुपम शक्ति है। देवी! तुम्ही स्वाहाए तुम्ही स्वधा और तुम ही वषटकार हो। स्वर भी तुम्हारे स्वरूप हैं आदि बोलते हुए स्तुती की। योगनिद्रा की इस स्तुती के बाद भगवान बिष्णु योगनिद्रा से मुक्त होते हुए शय्या से जाग उठे।
 

जागने के बाद भगवान बिष्णु ने उन दोनों असुरों को देखा। वे दुरात्मा भी अत्यंत बलवान व पराक्रमी थे अंततः दोनों भगवान बिष्णु से युद्व करने लगे और पांच हजार वर्शोंं तक केवल बाहुयुद्ध ही चलता रहा। अत्यन्त बल के कारण वे दोनों उन्मत्त हो रहे थे। इधर महामाया ने भी उन्हें मोह में डाल रखा था। इसलिए वे दोनों भगवान बिष्णु से ही वर मांगनें को कहने लगे। उनलोगों ने कहा, 'हम तुम्हारी वीरता से संतुश्ट हैं। तुम हमलोगों से कोई वर मांगो।'
इधर भगवान ने वर मांग लिया कि यदि तुम दोनों मुझपर प्रसन्न हों तो अब मेरे हाथ से मारे जाओ। माया से वशीभुत होकर उन्होंने संपूर्ण जगत में जल ही जल देखा तब उन्होंने भगवान बिष्णु से कहा कि जहां जल न हो तथ सूखा स्थान हो वहीं हमारा वध करो। तब भगवान ने ष्तथास्तुष् कहते हुए उन दोनों के मस्तक अपनी जांघ पर रखकर चक्र से काट डाले।

अगले अंक में यानी नवरात्र के तीसरे दिन जानें कि देवी ने महिषासुर की सेना का कैसे संहार किया था।


                                                                                                                       दीपक मिश्रा, देशदुनियावेब


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