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सोमवार, 12 अप्रैल 2021

जानें रामरक्षास्तोत्र के पाठ का महत्व

 नवरात्र के दौरान रामरक्षास्तोत्र का पाठ काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। प्रचलित मान्यता है कि नवरात्र के दौरान रामरक्षाकवच के नियमित पाठ से यह यह कवच सिद्ध हो जाता है।

कैसे करें रामरक्षास्तोत्र का पाठ

नवरात्र में प्रतिदिन ब्रह्म मुहूर्त में नित्यकर्म व स्नानादि से निवृत होकर पवित्र कुश के आसन पर बैठकर रामरक्षास्तोत्र का पाठ करें। आराम से इस तरह बैठें ताकि पाठ के दौरान आप का ध्यान शारीरिक तकलीफ में न जायें। शांत व प्रसन्न मन से भगवान श्री राम के रूप का ध्यान धरें। उसके बाद इस स्तोत्र का कम से कम ग्यारह बार पाठ करें। अगर ग्यारह बार पाठ कर पाने में सक्षम न हो तो सात बार नियमित रूप से पाठ करें। पाठ करने वाले की श्री राम की शक्तियों के प्रति जितनी अखंड श्रद्धा होगी , उतना ही फल प्राप्त होगा।

़ऋषि बुधकौशिक ने की थी इस स्तोत्र की रचना

ऋषि बुधकौशिक के स्वप्न में भगवान शंकर आयें थे। और भगवान शंकर के प्रेरणा से ही ऋषि ने इस स्तोत्र की रचना की थी।

जानें इस स्तोत्र का महत्व

 इसका पाठ करने से प्रभु श्रीराम आपकी हर तरह से रक्षा करते हैं। अपने शरणागत की रक्षा करना उनका धर्म है।ण् कहते हैं कि इसके नित्य पठन से हनुमानजी प्रसन्न होकर राम भक्तों की हर तरह से रक्षा करते हैं। जो व्यक्ति नित्य राम रक्षा स्तोत्रम् का पाठ करता रहता है वह आने वाली कई तरह की विपत्तियों से बच जाता है। इसका प्रतिदिन पाठ करने से व्यक्ति को दीर्घायुए संतानए शांतिए विजयीए सुख और समृद्धि प्राप्त होती है।इसका नित्य पाठ करने वाले व्यक्ति के मन में सकारात्मक भाव का संचार होता है और उसके चारों और सुरक्षा का एक घेरा निर्मित हो जाता है।

 

                                                                                                                 दीपक मिश्रा, देशदुनियावेब

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