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बुधवार, 21 अप्रैल 2021

अब मंदिरों में प्रवेश नहीं कर पायेंगे भक्तगण

 

बाबाधाम मंदिर
DDW, DESK : झारखंड राज्य सरकार द्वारा ‘स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह गुरूवार सुबह छह बजे से लागू हो जायेगा। और इसके लागू होने के साथ ही मंदिरों में आम भक्तों के प्रवेश पर पाबंदी लग जायेगी। 29 अप्रैल के सुबह छह बजे तक भक्तों को मंदिरों में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इस दौरान केवल मंदिर के नियुक्त पुरोहित व पुजारी ही पूजा करेेंगे तथा उन्हें भी सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का अनुपालन करते हुए पूजा करना होगा।

द्वादश ज्योर्तिलिंगों में से एक देवघर स्थित बाबाधाम मंदिर में श्रद्घालुओं के प्रवेश पर 22 अप्रैल के सुबह 6 बजे से पाबंदी लग जायेगी। देवघर उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री के आदेशानुसार मंदिर परिसर में पुलिस का कड़ा पहरा लग गया है। मंदिर में आम भक्तों को प्रवेश नहीं होगा। वहीं प्रातःकालीन संध्याकालीन पूजा में केवल सीमित संख्या में ही पुरोहित और पुजारी पूजा करेंगे। वहीं मंदिर में प्रवेश करने वाले पुरोहितों को भी आवश्यक रूप से मास्क लगाना होगा और शारीरिक दूरी का पालन करना होगा। जिला प्रशासन ने पंडा धर्मरक्षिणि सभा से अनुरोध किया है कि वे कोविड 19 के इस खतरनाक दौर में जनहित में जिला प्रशासन द्वारा की गयी व्यवस्था को लागू करने में सहयोग करें।

कुछ इसी तरह दुमका जिला स्थित बाबा बासुकीनाथ मंदिर में भी गुरूवार से भक्तों का प्रवेश निषेघ होगा। मालूम हो कि यह भी सूबे का प्रसिद्ध मंदिर है जहां प्रतिदिन भारी संख्या में भक्तगण पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं। बासुकीनाथ मंदिर में मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा 150 लोगों की जांच की गयी। जिसमें से 95 का स्वाब जाचं की गयी तथा 55 की एंटीजन किट से जांच की गयी। एंटीजन किट से चार लोगों की रिपोर्ट पाॅजीटीव आई।

कुछ इसी तरह गिरिडीह जिला के पारसनाथमधुबन की बात करूं तो यह स्थल भी जैन धर्मावलंबियों का विश्वविख्यात तीर्थस्थल है। यहां पर दर्जनाधिक जैन मंदिर धर्मशालायें हैं। लेकिन कोरोना संक्रमण में रफ्तार के साथ ही यहां सन्नाटा पसर गया है। सभी तीर्थयात्री होली के बाद से अपने-अपने राज्य वापस लौट गये हैं। ऐसे में यहां स्वतः ही लाॅकडाउन सा नजारा है। अब जब जैन श्रद्धालु ही नहीं हैं तो फिर मंदिर प्रवेश कौन करेगा। वैसे भी राज्य सरकार के आदेशानुसार केवल मंदिर के पुरोहित ही मंदिर में पूजा करेंगे ताकि नित्य पूजा बाधित हो।

 

   कुछ ऐसा ही नजारा गुरूवार से देवघर स्थित पथरोल काली मंदिर, रामगढ़ स्थित माता छिन्नमस्तिका मंदिर, चतरा स्थित मां भद्रकाली समेत विभिन्न छोटे-बडे़ मंदिरों का होगा।

 

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