चैती छठ : अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य - deshduniyaweb

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रविवार, 18 अप्रैल 2021

चैती छठ : अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य

 

अर्घ्य
भगवान सूर्य को अर्घ्य देते श्रद्धालु
DDW DESK : रविवार शाम को झारखंड के विभिन्न जलाशयों में छठव्रतियों अन्य भक्तों ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य समर्पित किया। चैती छठ के अवसर पर भगवान भास्कर कोअर्घ्य दिया गया। लोक आस्था का महापर्व चैती छठ  विभिन्न स्थलों पर पूरी आस्था से मनाया जा रहा है। जहां एक ओर रविवार को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया गया वहीं सोमवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य दिया जायेगा। उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही चैती छठ का पर्व संपन्न हो जायेगा।

 बताते चलें कि शनिवार को छठव्रतियों ने खरना किया था। और खरना के साथ ही शुरू होता है 36 घंटें का निर्जला उपवास। हलांकि इस बार कोरोना का कारण छठव्रतियों के यहां की तस्वीर हर वर्ष से काफी  अलग थी। आमतौर पर जहां खरना के बाद प्रसाद लेने को जहां भक्तों में होड़ मच जाती थी वहीं इस बार प्रसाद लेने वाले भक्तों की संख्या काफी कम देखी गयी। चैती छठ की शुरूआत शुक्रवार को ही नहाय खाय के साथ हो गयी थी। नहाय खाय के साथ ही छठ की शुरूआत हो गयी थी।

 गर्मी के बावजूद लोगों में उत्साह देखने को मिला। वहीं, सोमवार की सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही चार दिवसीय छठ व्रत का समापन होगा। अर्घ्य के दौरान व्रतियों द्वारा गाए गए केलवा जे फरेला घवद से, ओह पर सुगा मेड़राय..., कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाए..., सेविले चरण तोहार हे छठी मइया, महिमा तोहर अपार..., उगु सुरुज देव भइलो अरग के बेर... आदि गीतों से नदी घाट गूंजते रहे। इधर प्रशासन द्वारा इस बात का खास ख्याल रखा जा रहा था कि घाट पर सरकार द्वारा जारी गाईडलाइन का अक्षरशः पालन हो।

 

 

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