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रविवार, 12 दिसंबर 2021

बाॅडी लेंग्वेज से समझें सामने वाले के मन की बात

पांच ऐसी मुद्रायें जो बता देगी सामने वाले के मन की बात

दीपक मिश्रा, देशदुनियावेब : यकीनन आप हरेक व्यक्ति के मन में चल रहे बात को पढ़ नहीं पायेंगे। लेकिन शारीरिक हावभाव अर्थात बाॅडी लेंग्वेज से अपने सामने वाले के मन की बात को बहुत हद तक समझ जायेंगे। अभ्यास के आधार पर आप अपने अनुमान के सटीक होने की संभावना को प्रबल कर सकते हैं। यही नहीं बाॅडी लेंग्वेज को समझकर, अपनाकर कोई भी व्यक्ति अपने व्यक्तित्व में निखार ला सकता है। आज हम 5 मुद्राओं के बारे में आपको बतायेंगे जिसके आधार पर सामने के व्यक्ति के मन में चल रहे बातों का अंदाजा लगा पायेंगे।
        यह सब जानकारी मैं आपको आस्ट्रेलियन लेखक एलन पीज द्वाराा लिखित पुस्तक बाॅडी लेैंग्वेज के आधार पर दे रहा हूं। इस पुस्तक में लेखक ने बताया है कि उन्हें 1971 में एक सेमिनार में भाग लेने का मौका मिला और वह सेमिनार बाॅडी लैंग्वेज पर आधारित था। यह और यह विषय उन्हें इतना रोमांचक लगा कि उन्होंने इस पर शोध करना शुरू कर दिया। उन्होंने खुद के परीक्षणों के आधार पर शारीरिक मुद्राओं को समझने का सूत्र दिया है। तो आइये इसी पुस्तक के आधार पर जानते पांच शारीरिक मुद्राओं का अर्थ

1.    दोनों हथेलियों को मिलाकर रगड़ना - अगर आपके सामने कोई अपने दोनों हथेलियों को रगड़ते है तो इसका अर्थ यह है कि वह कुछ सकारात्मक उम्मीद कर रहा है। हलांकि हथेलियों को रगड़ने की गति पर भी ध्यान देने की बात कही गयी है। अगर कोई अपने हथेलियों को धीरे-धीरे मल रहा है इसका मतलब यह कि वह अपने फायदे के बारे में ज्यादा सोच रहा है। इस तरह के गतिविधि में आप उसे चालबाज भी समझ सकते हैं। लेखक ने एक उदाहरण देते हुए बताया कि मान लें अगर एक वेटर आपके सामने तेजी से दोनों हथेलियों को मलते हुए आता है और आपसे पूछता है, ‘और कुछ, साहब तो वह अशाब्दिक रूप से आपको यह बता रहा है कि उसे टिप मिलने की उम्मीद है।

2.    मुखरक्षक मुद्रा - मुखरक्षक मुद्रा यानी हाथों से ढंका हुआ चेहरा। इस मुद्रा में हाथ मुंह को ढंक लेता है और अंगूठा गाल पर दबाव डालता है। आमतौर पर मुखरक्षक मुद्रा का प्रयोग झूठ छुपाने के लिए किया जाता है। अगर कोई आदमी बोलते समय इस मुद्रा का प्रयोग कर रहा है तो आप अनुमान लगा सकते हैं कि वह झूठ बोल रहा है। वहीं अगर कोई सुनते समय इस मुद्रा का प्रयोग कर रहा है इसका मतलब यह हुआ कि उसके हिसाब से आप झूठ बोल रहे हैं। अगर आपका श्रोता ऐसा कर रहा है तो आप उसे बीच में ही टोकते हुए उसके मन को टटोल सकते हैं। जैसे क्या मेरी बातों पर आप कोई टिप्पणी करेंगे
3.    नाक छूना - लेखक कहते हैं कि नाक छूने की मुद्रा को मुखरक्षक मुद्रा का परिष्कृत रूप ही कहा जा सकता है। जब कोई नकारात्मक विचार मन में आता है तो व्यक्ति नाक छूता है। यहां पर यह ध्यान देने की बात है कि कई महिलायें मेकअप बिगड़ने के डर से भी ऐसा कर सकती है।
4.    काॅलर खींचना - कई शोध में यह बात सामने आई है कि झूठ बोलने से चेहरे व गले के नाजुक उत्तकों में सुरसुरी की अनुभूति होती है और इसे संतुश्ट करने के लिए मलने या खुजलाने की जरूरत होती है। ऐसे में झूठ बोलने वाला व्यक्ति अपनी काॅलर खीचनें लगता है ताकि उसका झूठ पकड़ में न आ जाये। कहते हैं कि इस मुद्रा का प्रयोग तब भी किया जाता है जब वह व्यक्ति गुस्से में हो या फिर कुंठीत हो। जब आप किसी को इस मुद्रा का प्रयोग करते देखें तो इस तरह के सवाल ‘क्या आप इसे दोहराने का कष्ट करेंगे या ‘क्या आप इस बिंदु को स्पष्ट करेंगे। और ऐसे सवालों से धोखेबाज की पोल खुल जायेगी।
5.    हाथ से सिर को सहारा देना - जब श्रोता अपने सिर को सहारा देने के लिए अपने हाथ का इस्तेमाल करने लगता है तो यह एक संकेत है कि वह बोर हो चुका है। टेबल पर लागातर उंगली बजाना या पैर से फर्श को बार-बार ठकठकाना भी बोरियत के संकेत माने जाते हैं।  


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