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बुधवार, 29 दिसंबर 2021

मिन्नल मुरली : नेटफ्लिक्स पर धमाल मचार रहा है देशी सुपरहीरो

Movie review of 'Minnal Murli' in Hindi 

दीपक मिश्रा, देशदुनियावेब  :  अगर मुझसे इस वर्ष की एक ऐसी फिल्म का नाम पूछा जाय जिससे देखने के दो दिन बाद भी आपके जेहन में उस फिल्म व पात्र याद रहा हो तो मेरे जवाब में 'मिन्नल मुरली' का नाम भी शामिल होगा। यह फिल्म  ओटीटी प्लेटफार्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज की गयी है। यूं तो मूल रूप से यह मलयालम फिल्म है पर इसे अन्य भाषाओं में भी प्रदर्शित किया गया है। इस फिल्म में एक देशी सुपरहीरो का जन्म होता है। और वह हीरो असाधारण शक्तियों का मालिक होते हुए भी साधरण मानव ही है। उसकी भी समस्या गांव के एक आम इंसान की तरह ही है। जीवन  के विभिन्न पहलुओं को छूने वाली यह फिल्म देखने लायक है।

   सबसे पहले कहानी की बात कर लें तो इस फिल्म की कहानी आपको एक अलग अनुभव देगी। आम तौर पर फिल्मों में शुरूआती दौर में ही पात्रों का वर्गीकरण विलेन और हीरो में कर दिया जाता है। यहां ऐसा नहीं है लगभग आधे समय तक आप यह नहीं समझ पायेंगे कि वाकई में विलेन कौन है। सभी पात्र पारिवारिक, सामाजिक व व्यक्तिगत परेशानियों जूझ रहे होते हैं। कहानी की शुरूआत एक नाटक के मंचन से होती है और वहां एक हादसा होता है। यहीं से कहानी शुरू होती है और यही सं आप पात्रों से जुड़ने लग जाते हैं। जैसन (टोविनो थॉमस) अमेरिका जाना चाहता है और वहीं सेटल होना चाहता है। वह अपनी प्रेमिका से शादी करना चाहता है पर प्रेमिका का पिता अपनी बेटी की शादी एक असफल व आवारा व्यक्ति से नहीं करना चाहता है। वह अमेरिका जाने, पासपोर्ट बनाने व प्रेमिका से शादी करने के जुगत में ही रहता है कि इसी बीच उस पर बिजली गिर जाती है। ठीक उसी समय एक ओर पात्र शिबू (गुरु सोमासुंदरम) अपनी पूर्व प्रेमिका से मिलने जाता है और उस पर बिजली गिर जाती है। दोनों में इस बिजली का आसाधारण प्रभाव पड़ता है और वे अद्भुत शक्तियों के मालिक बन जाते हैं। और इसी तरह कहानी आगे बढ़ती है तथा बताती है कि वे इन शक्तियों का प्रयोग किस तरह करते हैं।

अभिनय की बात करें तो हरेक ने जबर्दस्त अभिनय किया है। जब जैसेन अपनी शक्तियों की जांच करता है तो आपको डीसी की फिल्म 'शजेम' का शजेम याद आ जायेगा। लेकिन इसकी हरकत बेवकृफी भरी नहीं होती है। अभिनय का असल ग्राफ गुरु सोमासुंदरम ने दिखाया है। बदलते सिचुएशन के साथ चेहरे के भाव का परिवर्तित होना आपको प्रभावित कर देगा। अवहेलना व जिल्लत झेलने वाले एक व्यक्ति के हाथ में शक्ति आ जाय तो वह कैसे व्यवहार करता है और उसके मनोभाव कैसे होते हैं उसकी एक स्पष्ट तस्वीर दिखाई है।  फेमिना जॉर्ज, अजू वर्गीज, शेली किशोर, बैजू संतोष और हरिश्री अशोकन ने भी अपने अपने किरदार पूरी दक्षता से निभाए हैं।

निर्देशक बासिल जोसफ को फिल्म 'मिन्नल मुरली' में अपनी तकनीकी टीम से भी अच्छी मदद मिली है। यहां आपको गांव का एक सुंदर सा चित्र देखने को मिलेगा। यहां हीरो व विलेन के पास बराबर शक्तियां है बस उसके इस्तेमाल का उद्देश्य अलग है। एक सुपरहीरो फिल्म होने के बावजूद आखिरी फ्रेम तक कथ्य पर ग्लैमर को हावी नहीं होने दिया है। फिल्म का कला निर्देशन और वेशभूषा सज्जा भी  कहानी को मदद करती है।

फिल्म       - मिन्नल मुरली
कलाकार   - टोविनो थॉमस ए गुरु सोमासुंदरम ए फेमिना जॉर्ज ए अजू वर्गीज ए शेली किशोर ए बैजू संतोष और हरिश्री अशोकन
लेखक       - अरुण अनिरुद्धन और जस्टिन मैथ्यू
निर्देशक    - बासिल जोसफ
निर्माता     - सोफिया पॉल
ओटीटी      - नेटफ्लिक्स                                                                                                                           रेटिंग        - पांच में से चार स्टार













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